लेखनी..!

रुकी हुई जिंदगी से रोज़ कुछ नया परिचय होता है वरना भीड़ में तो मैं खुद को ही भूल जाता हूं।

वतन तो मातृभक्तों का प्रेम होता है,
यूं ही नहीं उनकी शहादत पर देश रोता है..! सैनिक रत्न हैं भारत के अनमोल, कोई बिरला ही समझ सके माटी का मोल..!
कर्म, वचनों और विचारों से जो करे मातृभक्ति,
ऐसे वीरों से तो स्वयं मृत्यु भी हो डरती..!